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Monday, March 15, 2021

RSCIT CHAPTER - 4

मेहरा कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर, रायसिंह नगर 

RSCIT COMPUTER COURSE 

CHAPTER : 4 इन्टरनेट का परिचय

इन्टरनेट क्या है? :-

·        इन्टरनेट सुचना का सुपर हाईवे है.

·        इन्टरनेट नेटवर्कों का नेटवर्क है.

·        विश्वव्यापी नेटवर्क है

इन्टरनेट को एक्सेस कैसे करें?

·        ISP:- Internet Service Provider :- जहाँ से इन्टरनेट सेवा ले सकते है जैसे BSNL का नेट लेने के लिए BSNL ऑफिस जाना होता है.

·        मॉडेम : Modulater – Demodulater

·        Modulater (एनालॉग डाटा को डिजिटल डाटा में बदलता है) व Demodulater (डिजिटल डाटा को एनालॉग में बदलता है )

·        PC:- पर्सनल कंप्यूटर भी होना चाहिए इन्टरनेट एक्सेस करने के लिए

·        Browser : इन्टरनेट को चलाने के लिए एक एप्लीकेशन प्रोग्राम ब्राउज़र की आवश्यकता होती है.

इन्टरनेट कनेक्टिविटी के प्रकार :-

·        डायल-अप :- धीमी गति का इन्टरनेट

·        ब्रोड्बैंड :- यह ISP के रूप में भी कार्य करता है. 

·        WIFI :- (Wireless Fidelity) यह बिना तार के इन्टरनेट कनेक्शन प्रधान करता है.

·        DSL :- Digital Subscriber Line के इस्तेमाल से कार्य करता है. लैंडलाइन फ़ोन की आवश्यकता नहीं पड़ती.

·        केबल :- छत पर लगा एक इंट्रानेट कनेक्शन जैसे Dish TV, DTH

·        उपग्रह :- सर्वाधिक स्पीड से काम करने वाला इन्टरनेट

·        मोबाइल : मोबाइल में कोनेंक्ट होने वाले इन्टरनेट कनेक्शन

इंट्रानेट व इन्टरनेट में अन्तर

·     इंट्रानेट एक निजी नेटवर्क है जबकि इन्टरनेट एक विश्वव्यापी नेटवर्क है

एक वेबसाइट खोलना :-

·     WWW :- यह एक ओपन सोर्स इनफार्मेशन स्पेस है, जहाँ डाक्यूमेंट्स एवं बाकी वेब रिसोर्सेज को उसके URL के द्वारा पहचाना जाता है.

·     वेबसाइट :- यह वेबपेज के समूह से मिलकर बने होते है.

·     URL :- Uniform Resource Locater यह एड्रेसबार में लगाया जाता है

http://www.google.com/index.php

http:// :- यह प्रोटोकॉल है

www :- यह Sub Domen है

google :- यह डोमेन नाम है

index.php :- यह फाइल का पाथ है.

·     DNS:- Domen Name System यह domen नामों का पता लगता है तथा उनका अनुवाद इन्टरनेट एड्रेस प्रोटोकॉल में करता है

·     वेब ब्राउज़र :- यह एक एप्लीकेशन प्रोग्राम है जैसे – इन्टरनेट एक्स्प्लोरर, गूगल क्रोम, नेट्स्केप नेविगेटर, ओपेरा मिनी, मोज़िला फायरफॉक्स आदि

·     नोट : - IP(इन्टरनेट प्रोटोकॉल) उदाहरण- 198.105.222.5 आदि

·     HTML :-  Hyper Text Markup Language (वेबपेज बनाने हेतु प्रयोग होता है)

·     HTTPs  :- Hyper Text Transfer Protocol (S= Secure)

·     HTTPS से शुरू होने वाली वेबसाइट पूर्णतया सुरक्षित होती है

·     सर्च इंजन :- यह एक सॉफ्टवेर है जो www से सम्बन्धित सूचनाओं को खोजने का कार्य करता है:- यह निम्नलिखित प्रक्रिया को संभालता है-

o   वेब क्रालिंग / वेब स्पाइडर :- सर्च इंजन इसका प्रयोग वेब कंटेंट को अपडेट करने में करता है.

o   इंडेक्सिंग :- यह खोजी गयी सूचना को शीघ्र खोजने में सहायता करता है.

o   सर्चिंग

o   सर्च इंजन के उदाहरण :- Yahoo, Google, Bing, Lycos, Ask.com, OLX

·        विकिपीडिया :- यह एक फ्री विश्वकोश (इनसाइक्लोपीडिया) है. विकी एक सहयोगी वेबसाइट है. जो विश्व के हर एक टॉपिक पर डाटा अपलोड व एडिट कर सकते है.

·        ईमेल :- इसे इलेक्ट्रॉनिक मेल कहते है.

·        उदाहरण :- sukhchain@gmail.com . यहाँ @ से पहले का भाग “sukhchain” मेलबॉक्स का नाम होता है और @ बाद का स्थान “gmail.com” कंपनी का डोमेन नाम होता है.

·        BCC:- ब्लाइंड कार्बन कॉपी (एक से अधिक जनों को मेल भेजने में काम आता है, लेकिन एक दुसरे को पता नहीं चलता कि यह मेल किस किस को भेजा है

·        CC :- कार्बन कॉपी  (एक से अधिक जनों को मेल भेजने में काम आता है, इसमें पता चल जाता है कि मेल किन किन को भेजा गया है)

·        विशेष फोल्डर :-

o   कंपोज़ :- यह मेल भेजने के लिए कंपोज़ बटन पर क्लिक करते है.

o   इनबॉक्स :- प्राप्त या आने वाले मेल

o   Sent बॉक्स :- भेजे जाने वाले मेल

o   ड्राफ्ट बॉक्स :- जो मेल कारणवश नहीं पहुँच पाते व अधूरे मेल इसमें दिखाई देते है

o   ट्रैश :- डिलीट किये गये मेल 30 दिन तक इसमें दिखाई देते है.

·        उपयोगी वेबसाइट

o   राज्य पोर्टल, राजस्थान सरकार :- https://www.rajasthan.gov.in

§  इसमें राजस्थान सरकार की विभिन्न सूचनाएं व सुविधाएँ उपलब्ध होती है.

o   RPSC वेबसाइट :- https://rpsc.rajasthan.gov.in

o   RTE :-  Right to Education निजी विद्यालयों 25% आरक्षित सीट http://rte.raj.nic.in/Home/PrivateSchoolPortal.aspx

Sunday, February 14, 2021

RS-CIT CHAPTER : 3

मेहरा कंप्यूटर एजुकेशन सेंटर, रायसिंह नगर 

RSCIT COMPUTER COURSE 

CHAPTER : 3 अपने कंप्यूटर को जाने

ऑपरेटिंग सिस्टम:- (एक प्रश्न जरुर आता है)

ऑपरेटिंग सिस्टम : यह यूजर PC के बीच मध्यस्था का कार्य करता है-

कार्य: - ये निम्न है

·        कंप्यूटर हार्डवेयर व कंप्यूटर यूजर के बीच मध्यस्था का कार्य करता है.

·        प्रोग्रामों को रन (चलाता है) करता है.

·        रिसोर्स मैनेजमेंट का कार्य भी करता है.

नोट:  इसके तीन लेयर होती है – 1. हार्डवेयर 2. सिस्टम सॉफ्टवेयर 3. एप्लीकेशन प्रोग्राम

GUI – Graphical User Interface –

·        WYSWYG : - (What You See is What You Get)

·        यह दिव्यांग लोगों के लिए काफी लाभकारी है

GUI का मुख्य लाभ :-  कंप्यूटर चलाने में आसानी होती है.

GUI की हानि :- ज्यादा स्टोरेज की आवश्यकता पड़ती है.

 

विंडो 10 में इंटरफ़ेस को समझाना :

·        कंप्यूटर को बूट करना:- कंप्यूटर को शुरू व रिस्टार्ट करना बूटिंग कहलाता है.

o   Cold Boot :  बंद पड़े कंप्यूटर को चलाना.

o   Worm Boot : चलते कंप्यूटर को रिस्टार्ट करना.

·        Desktop : कंप्यूटर शुरू होने के बाद पहली स्क्रीन जो दिखाई देती है वही डेस्कटॉप कहलाती है.

·        टास्कबार: स्क्रीन के सबसे नीच स्थित होता है. डेट एंड टाइम इसी में दिखाई देता है

·        Icon : डेस्कटॉप पर स्थित छोटे चित्र  जैसे – My Computer, Recycle Bin

·        System ट्रे : इसमें बैकग्राउंड में चल रहे प्रोग्राम शामिल होते है यह टास्कबार पर स्थित होती है जैसे – एंटीवायरस आदि.

·        Quick Launch Icon : यह स्टार्ट मेनू में दिखाई देते है.

·        स्टार्ट मेनू :  विंडो 8 में स्टार्ट बटन नहीं था.

·        सर्च : स्टार्ट बटन पर क्लिक करने के बाद स्टार्ट मेनू में सबसे नीचे सर्च बॉक्स होता है जिसे हम किसी प्रोग्राम को सर्च करने के लिए उपयोग में लेते है.

·        फेवरेट एप्प को पिन करना :- जो प्रोग्राम हम ज्यादा बार उपयोग लेते है उसे खोलकर हम टास्कबार पर स्थित उस प्रोग्राम के आइकॉन पर राईट क्लिक करके पिन टू टास्कबार पर क्लिक करेंगे.

·        टास्क व्यू :- एक साथ कई प्रोग्राम्स को एक ही स्क्रीन पर देखना.

·        मल्टी डेस्कटॉप :- एक साथ दो डेस्कटॉप स्क्रीन पर काम करना.

·    माइक्रोसॉफ्ट एज :- इन्टरनेट एक्सप्लोर ब्राउज़र के स्थान पर अब माइक्रोसॉफ्ट एज का प्रोयाग होने लगा है.

·        विंडो स्टोर :- इसमें से हम सॉफ्टवेर, वीडियो व फाइलों को डाउनलोड कर सकते है.

·        Cortana :- यह कंप्यूटर का बोलकर सर्च करने वाला मतलब “Voice Powered Assistant) है.

विंडो 10 में बेसिक एप्लीकेशन व यूटिलिटीज :

·        कैलकुलेटर : यह दो प्रकार से गणना कर सकते है – स्टैंडर्ड व स्टेटिक गणना.

·        मैथ इनपुट पैनल : इसमें गणितीय समीकरण लिख सकते है.

·        स्निपिंग टूल : स्क्रीन शॉट लेने के लिए.

·        विंडोज मोबिलिटी सेंटर :  इसमें स्पीकर, वायरलेस कनेक्शन, बेटरी स्टेट्स, सिंक सेंटर, ब्राइटनेस आदि शामिल होते है.

फोल्डर सिस्टम

·        फोल्डर के अंदर फोल्डर को सबफ़ोल्डर कहते है

·        किसी ड्राइव (C:\, D:\) में स्थित फोल्डर को टॉप लेवल फोल्डर कहते है:

D:\School\Class-1\Ram.jpg

·        D: ड्राइव का नाम है.

·        School :- टॉप लेवल फोल्डर.

·        Class-1 :- सब फ़ोल्डर है.

·        Ram.jpg :- यह फाइल है जहाँ हमने पहुंचना था.

रीसायकल बिन : यह हमारे द्वारा डिलीट फाइल या फोल्डर को टेम्परेरी स्टोर करता है. डिलीट डाटा को हम पुनः रिस्टोर भी कर सकते है.

नोट :-  फाइल को स्थाई रूप डिलीट करने के लिए “Shift+Delete” Key का उपयोग होता है.

 

एक अनुप्रयोग को शुरू करना :

·        वर्डपैड :  यह एक फोर्मटिंग सॉफ्टवेर है इसे विंडो 95 के बाद से सभी ऑपरेटिंग सिस्टम में शामिल किया गया था. इसको खोलने के लिए हम “Window Key + R दबाकर “Wordpad.exe” करेंगे

·        माइक्रोसॉफ्ट पेंट : यह एक पेंटिंग सॉफ्टवेर है. इसकी फाइल को बिटमैप के नाम से जाना जाता है.

·        किसी फोल्डर को रीनेम करने के लिए “F2” शॉर्टकट की का प्रयोग करते है

·        टाइपिंग करते समय : बाएं हाथ की चारों अंगुलियां “ASDF” एवं दायें हाथ की चारों अंगुलियाँ ;LKJ”  पर होती है – इस रो को “होम रो” भी कहते है 

Saturday, February 13, 2021

REET STUDY CORNER

 नोट: यदि आप घर पर Reet की तैयारी कर रहें है और अपनी तैयारी कम समय में करना चाहते है तो नीचे दिए गए लिंक को फॉलो करें।

01. हिंदी विषय : नितिन सर (Study 91) 

02. मनोविज्ञान विषय : डॉ0 वंदना जादोन जी

 
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